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समाचार मिर्ची

मुंबई। 19 साल बाद अभिनेता इमरान हाशमी की कल्ट फिल्म आवारापन का सीक्वल आवारापन 2 रिलीज हुआ है। फिल्म ने फैंस का दिल जीत लिया है और कमर्शियल तौर पर बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की कहानी और कास्ट की चर्चा के बीच विलेन जोरावर के किरदार को लेकर भी सुर्खियां बनीं हैं।

इस संबंध में यहां बता दे कि, आवारापन 2 में जोरावर का मुख्य खलनायक किरदार अभिनेता पूरन गब्बी ने निभाया है। पूरन गब्बी बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस वाामिका गब्बी के छोटे भाई हैं। उनके पिता गोवर्धन गब्बी एक मशहूर लेखक हैं। पूरन न सिर्फ अभिनेता हैं, बल्कि संगीतकार भी हैं। फिल्म में उन्होंने जोरावर का नेगेटिव रोल जिस तरह से प्ले किया है, उसकी प्रशंसा हो रही है।

वही यह भी बताते चलें कि, पूरन गब्बी इससे पहले शाहरुख खान की फिल्म जीरो और आयुष्मान खुराना की फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान में छोटे किरदारों में नजर आ चुके हैं। एक्टिंग से पहले उन्होंने कई प्रोडक्शन टीमों में ऑफ कैमरा लंबे समय तक काम किया है। बतौर अभिनेता उन्हें पहचान नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ब्लैक वारंट से मिली, जिसमें उन्होंने रंगा का किरदार निभाया और दमदार अभिनय किया। अब आवारापन 2 में विलेन बनकर उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। इंस्टाग्राम पर उनके फिलहाल 25 हजार फॉलोअर्स हैं और फिल्म के बाद यह संख्या बढ़ रही है।

कौन हैं पूरन गब्बी?

पूरन गब्बी फिल्म इंडस्ट्री में धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाने वाले कलाकारों में शामिल हैं। वह केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि संगीत से भी जुड़े हुए हैं। उनका संबंध एक ऐसे परिवार से है जिसका फिल्म और लेखन की दुनिया से पुराना जुड़ाव है। उनके पिता गोवर्धन गब्बी एक लेखक के तौर पर जाने जाते हैं, जबकि उनकी बहन वामिका गब्बी हिंदी, पंजाबी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी काम कर चुकी हैं।

फिल्मी परिवार से आने के बावजूद पूरन ने सीधे बड़े पर्दे पर मुख्य भूमिका से शुरुआत नहीं की। उन्होंने इंडस्ट्री को समझने और काम सीखने के लिए लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर काम किया। कई प्रोडक्शन टीमों के साथ ऑफ-कैमरा काम करने का अनुभव उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

ब्लैक वारंट के बाद आवारापन 2 में जोरावर

ब्लैक वारंट के बाद पूरन गब्बी के लिए आवारापन 2 एक अहम प्रोजेक्ट माना जा सकता है। इस फिल्म में उन्हें जोरावर जैसा नेगेटिव किरदार मिला है। किसी फिल्म में विलेन का किरदार केवल संवाद बोलने तक सीमित नहीं होता। कलाकार को अपने हाव-भाव, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस के जरिए किरदार को प्रभावशाली बनाना पड़ता है।

पूरन ने जोरावर के किरदार में इसी तरह की गंभीरता लाने की कोशिश की है। फिल्म देखने वाले दर्शकों के बीच उनके अभिनय को लेकर चर्चा इस बात का संकेत है कि उन्होंने भूमिका को अपनी शैली में पेश करने में सफलता हासिल की है।

पूरन गब्बी का करियर फिलहाल उस दौर में है जहां छोटे किरदारों से आगे बढ़कर उन्हें बड़े और ज्यादा चुनौतीपूर्ण रोल मिलने लगे हैं। जीरो और शुभ मंगल ज्यादा सावधान जैसी फिल्मों में छोटे किरदारों से शुरुआत, फिर ब्लैक वारंट में रंगा की भूमिका और अब आवारापन 2 में जोरावर का नेगेटिव किरदार उनके करियर में लगातार आगे बढ़ते चरण को दिखाता है।

आखिर में बताते चले कि, सबसे खास बात यह है कि उन्होंने कैमरे के सामने आने से पहले फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को पर्दे के पीछे से समझा। अब आवारापन 2 में विलेन के किरदार के जरिए वह दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि उन्हें आने वाले प्रोजेक्ट्स में भी मजबूत और विविध भूमिकाएं मिलती हैं, तो पूरन गब्बी हिंदी मनोरंजन जगत के उभरते कलाकारों में अपनी जगह और मजबूत कर सकते हैं।

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