नई दिल्ली। बाजार की महंगी और केमिकल वाली सब्जियों के बजाय घर की छत, बालकनी या आंगन में रखे गमलों में बढ़िया हरे-ताजे कुंदरू उगाए जा सकते हैं। किचन गार्डन में कम जगह में आसानी से सेट होने और लंबे समय तक सब्जी देने वाला यह पौधा अच्छा विकल्प है। इसकी बेल लगाने के लिए बड़े सेटअप की जरूरत नहीं पड़ती। एक अच्छा गमला, पोषक मिट्टी, पर्याप्त धूप और बेल को चढ़ने के लिए मजबूत सपोर्ट मिल जाए तो घर पर इसकी ग्रोथ अच्छी रहती है।
जानकारी दे दें कि, कुंदरू लगाने के लिए करीब 14 से 16 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें जिसमें ड्रेनेज होल हों। मिट्टी तैयार करने के लिए सामान्य गार्डन सॉइल में सड़ी हुई गोबर खाद और थोड़ी रेत मिलाएं। गमले को ऐसी जगह रखें जहां रोज करीब 5 से 6 घंटे सीधी धूप मिल सके। बेल के लिए बांस की खपच्चियां, जाली या मजबूत रस्सी का सपोर्ट पहले से तैयार कर लें।
वही यह भी जानकारी देते चले कि, घर पर कुंदरू लगाने के लिए किसी सही और मजबूत बेल से करीब 6 से 8 इंच लंबी कटिंग लें जिसमें कम से कम दो से तीन गांठें हों। इसे तैयार मिट्टी में 2 से 3 इंच गहराई तक लगाकर हल्का पानी दें। शुरुआती दिनों में मिट्टी में नमी बनाए रखें लेकिन पानी जमा न होने दें। कुछ समय बाद नई पत्तियां निकलने लगेंगी। नई शाखाओं को सपोर्ट की तरफ मोड़ते रहें। कटिंग उपलब्ध न हो तो नर्सरी से नया पौधा लेकर भी शुरुआत की जा सकती है।
इस कड़ी में बता दें कि, पौधा सेट होने के बाद मिट्टी की नमी देखकर पानी दें। गर्म मौसम में मिट्टी पूरी तरह सूखने न दें और बारिश के दिनों में ज्यादा पानी से बचें। सूखी या पीली पत्तियों को हटाते रहें। महीने में एक-दो बार वर्मी कंपोस्ट और जैविक खाद दें। फूल आने के बाद छोटे हरे कुंदरू की तुड़ाई करें। नियमित तुड़ाई से बेल पर नई फलियों की ग्रोथ बनी रहती है और लंबे समय तक घर से ताजा कुंदरू मिल सकता है।
कुंदरू लगाने के लिए कैसा गमला चुनें?
कुंदरू की बेल समय के साथ फैलती है, इसलिए पौधे के लिए पर्याप्त जगह वाला गमला चुनना जरूरी है। घर पर इसकी शुरुआत करने के लिए करीब 14 से 16 इंच गहरा और चौड़ा गमला इस्तेमाल किया जा सकता है। गमले के नीचे पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।
अगर गमले में पानी जमा रहता है तो जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है और पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसलिए गमले का चुनाव करते समय केवल उसका आकार ही नहीं, बल्कि जल निकासी की व्यवस्था भी देखना जरूरी है।
कुल मिलाकर, सही आकार का गमला, पोषक और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, पर्याप्त धूप, मजबूत बेल-सपोर्ट और संतुलित पानी के साथ घर पर कुंदरू उगाना संभव है। थोड़ी नियमित देखभाल और समय-समय पर तुड़ाई के जरिए बालकनी या छत का छोटा-सा किचन गार्डन भी लंबे समय तक ताजी कुंदरू की सब्जी उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।
