नई दिल्ली। रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ओटीटी रिलीज से पहले एक नए कानूनी विवाद में फंस गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म पर सेना और डिफेंस ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को दिखाने के आरोपों पर गंभीरता से संज्ञान लिया है।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) में तैनात हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि फिल्म में भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियों की व्यक्तिगत तथा संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक की गई है, जो गोपनीय रखी जानी चाहिए। याचिका में डिफेंस ऑपरेशन की रणनीतियों को भी उजागर करने का दावा किया गया है।
फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि हाल के वर्षों में फिल्मों और वेब सीरीज में सेना, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा अभियानों को अधिक विस्तार से दिखाने का चलन बढ़ा है। कई बार निर्माता यथार्थवाद दिखाने के प्रयास में संवेदनशील जानकारियों को भी स्क्रीन पर ले आते हैं। ऐसे मामलों में सेंसर बोर्ड की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का विवाद बॉलीवुड और कानूनी गलियारों दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मामला एक बार फिर इस बहस को सामने ले आया है कि फिल्मों में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभियानों को किस सीमा तक दिखाया जाना चाहिए और सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है।
