ईरान। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं और स्थिति दिन-प्रतिदिन अधिक भयावह होती जा रही है। दिसंबर 2025 के अंत में आर्थिक संकट, मुद्रा मूल्यह्रास और महंगाई के खिलाफ शुरू हुए ये प्रदर्शन जल्द ही पूरे देश में फैल गए और सत्ताधारी इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ बड़े पैमाने पर असंतोष में बदल गए। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों गिरफ्तार किए गए हैं। सबसे चिंताजनक खबर 26 वर्षीय प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी की है, जिन्हें फांसी दिए जाने की आशंका है।
बता दें कि, मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) ने पुष्टि की है कि कम से कम 648 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है, जिसमें 9 नाबालिग शामिल हैं, लेकिन अनुमान है कि वास्तविक संख्या 6,000 से अधिक हो सकती है। कुछ विपक्षी स्रोतों, जैसे ईरान इंटरनेशनल, ने दावा किया है कि मौत का आंकड़ा 12,000 से अधिक पहुंच चुका है, और यह ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार है। CBS न्यूज ने भी दो स्रोतों के हवाले से 12,000 से 20,000 तक मौतों का अनुमान लगाया है। ईरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर लगभग 2,000 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन इन्हें “आतंकवादियों” की वजह से बताया है। अधिकांश मौतें रेवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और बसीज मिलिशिया द्वारा की गईं, जिन पर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर आरोप लगाए गए हैं।
वही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “यदि वे उन्हें फांसी देते हैं, तो आप कुछ चीजें देखेंगे… हम बहुत मजबूत कार्रवाई करेंगे।” ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ईरानी देशभक्त, प्रदर्शन जारी रखें – अपनी संस्थाओं पर कब्जा करें!!! हत्यारों और अत्याचारियों के नाम बचाकर रखें, क्योंकि वे बहुत बड़ी कीमत चुकाएंगे। मदद रास्ते में है। MIGA (Make Iran Great Again)!!!” उन्होंने व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक की और ईरानी अधिकारियों से सभी बैठकें रद्द कर दीं जब तक “प्रदर्शनकारियों की senseless हत्या” रुक नहीं जाती।
ईरान ने ट्रंप की धमकी को “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका “आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप” कर रहा है और ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। ईरान ने ट्रंप और नेतन्याहू को “हत्यारा” कहा और आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं। ईरान ने इंटरनेट ब्लैकआउट को “आतंकवादी गतिविधियों” से जोड़ा और कहा कि यह सुरक्षा के लिए जरूरी है।
यह स्थिति वैश्विक तनाव को बढ़ा रही है। ट्रंप प्रशासन ईरान पर नए टैरिफ और सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की धमकी दी है। यदि इरफान सुल्तानी को फांसी दी जाती है, तो यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को और तेज कर सकता है। ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, लेकिन कुछ फोन लाइनों से जानकारी बाहर आ रही है। स्थिति अत्यंत नाजुक है और भविष्य में बड़े बदलाव की संभावना है।
