नई दिल्ली। किचन गार्डन में घर पर ताजा और ऑर्गेनिक अदरक उगाना संभव है। सही मिट्टी, सिंचाई और देखभाल से यह आसानी से तैयार हो जाता है। अदरक न सिर्फ खाने में स्वाद बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।अदरक उगाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला ताजा अदरक चुनें जिसमें कोई सड़न या सूखापन न हो। इसे लगाने से पहले 24 घंटे पानी में भिगो दें ताकि अंकुरित हो जाए। फिर इसे सूखने दें ताकि फंगस न लगे। गमले में निचले हिस्से में ड्रेनेज हो। मिट्टी हल्की और उपजाऊ होनी चाहिए जिसमें थोड़ी रेत और गोबर की खाद मिलाई जाए। अंकुरित अदरक को गमले में 2 से 3 इंच गहराई में लगाएं।
अदरक नमी वाले वातावरण में अच्छा बढ़ता है लेकिन जलभराव बर्दाश्त नहीं करता। इसे सीधी धूप में न रखें बल्कि हल्की धूप वाली जगह पर रखें। मिट्टी सूखने न दें लेकिन हल्की-हल्की सिंचाई करें। हर 10 से 15 दिन में खाद डालते रहें।अदरक की कटाई लगभग 8 से 10 महीने में की जा सकती है। जब पत्तियां पीली होकर सूखने लगें तब अदरक को मिट्टी से निकाल लें। इसे इस्तेमाल किया जा सकता है या अगले सीजन के लिए कुछ टुकड़े बचाकर फिर लगाया जा सकता है।
अदरक उगाने के लिए सही चयन जरूरी
अदरक उगाने की शुरुआत सही बीज सामग्री के चयन से होती है। इसके लिए आपको बाजार से ताजा, स्वस्थ और बिना सड़े हुए अदरक का चयन करना चाहिए। ध्यान रखें कि अदरक का टुकड़ा सूखा या सिकुड़ा हुआ न हो। इसमें छोटे-छोटे अंकुर (आंखें) दिखाई दे रहे हों तो यह और भी बेहतर होता है।
रोपण से पहले अदरक को लगभग 24 घंटे पानी में भिगोकर रखें। इससे इसमें अंकुरण की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके बाद इसे छाया में सुखा लें ताकि इसमें फंगस न लगे।
मिट्टी और गमले की तैयारी
अदरक उगाने के लिए हल्की, भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। आप गमले में मिट्टी, रेत और गोबर की खाद को मिलाकर एक अच्छा मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इससे पौधे को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और जल निकासी भी सही बनी रहती है।
गमले का चयन करते समय यह सुनिश्चित करें कि उसमें नीचे ड्रेनेज होल हो। इससे अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाएगा और जड़ें सड़ने से बचेंगी। अदरक के टुकड़ों को लगभग 2 से 3 इंच गहराई में मिट्टी में लगाएं और हल्के से ढक दें।
सिंचाई और देखभाल
अदरक नमी वाले वातावरण में अच्छी तरह बढ़ता है, लेकिन यह जलभराव को बिल्कुल सहन नहीं कर पाता। इसलिए नियमित रूप से हल्की सिंचाई करें, लेकिन ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो। गर्मियों में पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है, जबकि सर्दियों में इसे कम रखा जाना चाहिए।
अदरक को सीधे तेज धूप में रखने के बजाय हल्की धूप या आंशिक छाया वाली जगह पर रखना बेहतर होता है। इससे पौधे की वृद्धि संतुलित रहती है और पत्तियां हरी-भरी बनी रहती हैं।
