नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल के तहत लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 815 करने का प्रस्ताव है। इसके बाद कुल 815 सीटों वाली लोकसभा में 272 महिला सांसद होंगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं और केवल 78 महिला सांसद हैं।प्रस्तावित महिला आरक्षण संशोधन विधेयक यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन) और परिसीमन विधेयक-2026 लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान देते हैं। सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कराया जाएगा, जिसका काम परिसीमन आयोग करेगा।
इस बदलाव से भारत दुनिया के सबसे बड़े महिला प्रतिनिधित्व वाले लोकतंत्र में शामिल हो जाएगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरी तरह लागू करना है। संसद के विशेष सत्र में विधेयक पेश किए गए हैं और 17 अप्रैल को इन पर वोटिंग होनी है।
पहले लोकसभा चुनाव 489 सीटों पर हुए थे। समय-समय पर सीटें बढ़ाई गईं, लेकिन 1976 में परिवार नियोजन कार्यक्रम के कारण सीटों की संख्या 2001 तक फ्रीज कर दी गई थी। बाद में यह सीमा 2026 तक बढ़ाई गई। अब परिसीमन के जरिए सीटें बढ़ाई जा रही हैं।
महिला आरक्षण बिल पहले कई बार संसद में पेश हुआ, लेकिन पास नहीं हो सका। 1996 में देवेगौड़ा सरकार, 1998-2003 में वाजपेयी सरकार और 2010 में मनमोहन सिंह सरकार के समय प्रयास हुए। 2023 में नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे नए संसद भवन में पारित कराया था। अब परिसीमन को 2011 की जनगणना से जोड़कर इसे फास्ट ट्रैक किया गया है।
