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नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़, भूस्खलन, इमारत ढहने और वज्रपात से कई लोगों की जान चली गई है। दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, केरल, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और नदियों के उफान की घटनाएं सामने आई हैं।

महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण रायगढ़ के एचपीसीएल पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की दीवार गिरने से हजारों सिलिंडर पानी में बह गए। पिंपरी चिंचवड़ में कचरे के ढेर गिरने से एक तीन मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें 16 लोगों के फंसने की आशंका है। नासिक में गोदावरी नदी उफान पर है और मुंबई में लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।गुजरात के सूरत में बाढ़ जैसे हालात में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर डूबने से मारे गए। वहां निचले इलाकों से 3,400 से अधिक लोगों को बचाया गया और 3,800 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

केरल के वायनाड में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि चार अभी लापता हैं। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में पांच मंजिला इमारत गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड में भूस्खलन से हाईवे प्रभावित हुए, उत्तर प्रदेश में वज्रपात से तीन किसानों की मौत हुई और मध्य प्रदेश के खरगोन में एक युवक नदी में बह गया। मौसम विभाग ने 17 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया है।

गुजरात में बाढ़ जैसे हालात

गुजरात के सूरत सहित कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, डूबने सहित बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज करते हुए निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

अधिकारियों के मुताबिक, 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को एहतियातन राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। कई इलाकों में जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ और यातायात व्यवस्था भी बाधित रही।

यहां यह जानना अति आवश्देयक हैं कि, देशभर में सक्रिय मानसून ने कई राज्यों में सामान्य जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। भारी बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन, इमारत ढहने और वज्रपात जैसी घटनाओं में जान-माल का नुकसान हुआ है। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। ऐसे समय में नागरिकों के लिए आवश्यक है कि वे प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से तुरंत संपर्क करें।

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