समाचार मिर्ची

पटना। बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में न्यायिक व्यवस्था एक बार फिर गंभीर खतरे की जद में आई है। बुधवार सुबह प्राप्त एक धमकी भरे ईमेल ने पटना, दानापुर और किशनगंज सिविल कोर्ट परिसरों को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया। ईमेल में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि “दोपहर ठीक 1 बजे कोर्ट परिसर में 5 धमाके होंगे”। इस चेतावनी के साथ कुछ भड़काऊ नारे और उत्तेजक भाषा भी शामिल थी, जिसके कारण प्रशासन ने तुरंत एहतियाती कदम उठाते हुए परिसरों को खाली करा दिया और न्यायिक कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

यह घटना बिहार में हाल के दिनों में लगातार मिल रही बम धमकियों की श्रृंखला का हिस्सा मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह पटना सिविल कोर्ट को मिली ऐसी छठी या उससे अधिक धमकी है, जो पिछले एक महीने में सामने आई हैं। धमकी मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। पूरे परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें कुत्तों की मदद से सर्च ऑपरेशन किया गया। हालांकि, अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक की बरामदगी की कोई पुष्टि नहीं हुई है, जिससे यह धमकी संभवतः फर्जी या होक्स कॉल साबित हो रही है। फिर भी, सुरक्षा के मद्देनजर अदालतों का कामकाज पूरे दिन के लिए बंद रखा गया।

धमकी मिलने के बाद अधिवक्ताओं में भारी रोष देखने को मिला। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार ऐसी धमकियां मिल रही हैं, लेकिन स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव है। पटना बार एसोसिएशन के सदस्यों ने पुलिस के साथ तीखी बहस की और आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। वकीलों का तर्क है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो न्यायपालिका की गरिमा और कार्यक्षमता पर सवाल उठेंगे। कई अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप कार्य बहिष्कार की धमकी भी दी, हालांकि अभी तक कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है।

गौरतलब हैं कि, बिहार में पिछले कुछ समय से न्यायिक परिसरों को लक्षित कर धमकियां मिल रही हैं। भागलपुर, औरंगाबाद जैसे अन्य जिलों में भी इसी तरह के ईमेल प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह या असंतुष्ट तत्वों की साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को कमजोर करना और अफरा-तफरी फैलाना है। पुलिस ने राज्य भर में कोर्ट परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच, प्रवेश द्वार पर सघन चेकिंग और बम डिस्पोजल टीमों की तैनाती बढ़ाई गई है।

वही, प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पटना सिविल कोर्ट सहित प्रभावित अन्य कोर्टों में कामकाज सामान्य होने में समय लग सकता है। पप्पू यादव की जमानत याचिका अब अगली तारीख पर सुनी जाएगी, लेकिन इस बीच न्यायिक प्रक्रिया पर उठे सवाल बने रहेंगे।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version