नई दिल्ली। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त को लेकर सरकार ने नियमों को सख्त कर दिया है। अब केवल पात्र और जरूरतमंद किसानों को ही लाभ मिलेगा। जिन किसानों ने अभी तक आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं, उनका नाम लाभार्थी सूची से हटा दिया जाएगा।
सरकार के नए निर्देश के अनुसार, जिन किसानों ने ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा नहीं किया है, उन्हें 23वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसके अलावा, लैंड सीडिंग यानी खेती की जमीन का सरकारी रिकॉर्ड से वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसान के खाते से जमीन के दस्तावेज लिंक नहीं हैं तो उनका नाम नई लिस्ट से हट जाएगा।
इन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणी के लोग पीएम किसान योजना के लिए अपात्र हैं। यदि किसी किसान परिवार का सदस्य सरकारी नौकरी में है, पेंशनभोगी है या आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करता है, तो वह योजना का लाभ नहीं ले सकता।
इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर लोग भी इस योजना के दायरे में नहीं आते। सरकार को कई ऐसे मामले मिले हैं जिनमें अपात्र लोगों ने गलत दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ लिया। अब ऐसे मामलों की विशेष जांच की जा रही है।
सरकार की इस सख्ती का उद्देश्य योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है ताकि केवल पात्र किसानों तक ही आर्थिक सहायता पहुंच सके। पीएम किसान योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बनी हुई है और सरकार इसे बेहतर तरीके से लागू करने पर लगातार जोर दे रही है।
