समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

रूस और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव और यूक्रेन युद्ध को लेकर दुनिया भर में राजनीतिक हलचल तेज है। इसी बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने यूरोप की सुरक्षा चिंताओं और चल रही कूटनीतिक चर्चाओं को नई दिशा दे दी है। पुतिन ने बुधवार को कहा कि रूस कभी भी यूरोप पर हमला नहीं करेगा, और यदि यूरोप चाहे तो वे इस बारे में लिखित आश्वासन देने के लिए भी तैयार हैं। उनका यह बयान उस समय आया है जब जर्मनी और NATO देशों की खुफिया एजेंसियां रूसी सैन्य तैयारी को लेकर गंभीर आशंकाएं जता रही हैं।

नाटो में यूक्रेन की एंट्री नहीं होगी। नाटो सेनाएं यूक्रेन में नहीं रहेंगी। प्लान में कहा गया है कि रूस द्वारा शांति प्रस्तावों को मानने पर उस पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटा दिया जाएगा। साथ ही यूरोप में जब्त की गई लगभग 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति भी डीफ्रीज होगी।

जर्मनी का दावा: 2029 तक NATO पर हमला कर सकता है रूस

पुतिन का यह बयान सीधे तौर पर जर्मन विदेश मंत्री योहान वेडफुल के उस आरोप का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जर्मनी की खुफिया रिपोर्टों के अनुसार रूस अगले चार साल के भीतर किसी NATO देश पर हमला कर सकता है।

वेडफुल ने दावा किया था कि रूसी सेना 2029 तक NATO के खिलाफ नए स्तर की सैन्य तैयारी पूरी कर सकती है। यूरोप में इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई थी, और कई देश अपनी सुरक्षा रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करने लगे थे।

‘जरूरत पड़ी, तो लड़ाई जारी रहेगी’ – पुतिन

रूसी राष्ट्रपति ने दोहराया कि उनकी सरकार बातचीत का रास्ता चुनना चाहती है, लेकिन आवश्यक होने पर सैन्य अभियान जारी रखना भी उनकी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने साफ कहा:

“हम शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे।”

स्पष्ट है कि रूस बातचीत के लिए तैयार तो दिख रहा है, लेकिन वह यूक्रेन के किसी भी प्रतिरोध को सख्ती से निपटाने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

अभी आगे क्या?

पुतिन के बयान से यह संकेत मिलता है कि:

  • रूस यूरोप के खिलाफ टकराव नहीं चाहता
  • लेकिन यूक्रेन में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकता है
  • शांति वार्ता तभी आगे बढ़ेगी जब यूक्रेन जमीन छोड़ने पर विचार करेगा
  • अमेरिका और यूरोप के बीच भी शांति योजना को लेकर मतभेद हो सकते हैं

यूक्रेन युद्ध अब केवल दो देशों का संघर्ष नहीं रहा—it is a global geopolitical chessboard.

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version