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दोहा/तेहरान। कतर ने ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरान के राजदूत को आधिकारिक नोट सौंपा। यह कार्रवाई बुधवार रात कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद की गई।

कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने आम लोगों और जरूरी जगहों को निशाना बनाकर ‘रेड लाइन पार’ कर दी है। हमले से रास लफान इंडस्ट्रियल एरिया में आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। कतर ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ऐसे कृत्य जारी रखता है तो सुरक्षा की रक्षा के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे। कतर ने सभी देशों से तनाव कम करने और शांति बनाए रखने की अपील की।

ईरान ने यह हमला इजरायल द्वारा उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले का जवाब बताया। साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है, जिसे ईरान और कतर साझा करते हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने खाड़ी देशों के तेल-गैस स्थलों से दूर रहने की सलाह दी थी।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने सुरक्षा चीफ अली लाराजानी की हत्या का बदला लेने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि ‘हर खून की एक कीमत होती है’। अली लाराजानी की हत्या के बाद हजारों लोगों ने उनके अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया।अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का गुरुवार को 20वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इजरायल अब साउथ पार्स गैस फील्ड पर दोबारा हमला नहीं करेगा। उन्होंने हमले को गुस्से में लिया गया कदम बताया और कहा कि इसमें केवल छोटा नुकसान हुआ।

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