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नई दिल्ली।भारतीय रेलवे में 1 जुलाई से नए नियम लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार के ‘जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026’ के तहत रेलवे अधिनियम 1989 में संशोधन किए गए हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इन नियमों को 1 जुलाई से लागू किया जाएगा।बिना टिकट या पहले इस्तेमाल हो चुके टिकट से यात्रा करने वाले यात्रियों पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो जाएगा। ऐसे यात्रियों को लागू किराया और अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। यदि शुल्क नहीं चुकाया गया तो अदालत में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

महिलाओं के आरक्षित कोच, सीट या बर्थ पर पुरुषों द्वारा यात्रा करने पर 2500 रुपये का जुर्माना लग सकता है। रेलवे अधिकारी ऐसे यात्रियों को हटाने का अधिकार रखेंगे।इसके अलावा बिना अनुमति सामान बेचने या भीख मांगने पर 2000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर एक साल तक की जेल भी हो सकती है।

बिना टिकट यात्रा अब पड़ेगी महंगी

रेलवे के नए नियमों के अनुसार यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है या पहले से इस्तेमाल किए जा चुके टिकट का उपयोग करता है, तो उसे पहले की तुलना में अधिक आर्थिक दंड देना होगा।

अब ऐसे मामलों में न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा संबंधित दूरी का किराया और अन्य लागू शुल्क भी वसूला जाएगा। यदि यात्री निर्धारित राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

रेलवे परिसर में अवैध गतिविधियों पर भी कार्रवाई

संशोधित नियमों के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बिना अनुमति सामान बेचने जैसी गतिविधियों पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

रेलवे का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य स्टेशनों और ट्रेनों में व्यवस्था बनाए रखना, यात्रियों की सुविधा बढ़ाना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।

रेलवे देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री सफर करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की सुरक्षा, टिकट व्यवस्था और संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमों का प्रभावी पालन आवश्यक माना जाता है।सरकार का कहना है कि संशोधित प्रावधानों से रेलवे प्रशासन को नियमों के उल्लंघन पर अधिक प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इससे टिकट व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और अनुशासनहीनता पर अंकुश लगाने में भी सहायता मिलेगी।

1 जुलाई से लागू होने वाले ये संशोधित प्रावधान भारतीय रेलवे की व्यवस्था को अधिक अनुशासित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। ऐसे में सभी यात्रियों के लिए आवश्यक है कि वे यात्रा के दौरान वैध टिकट रखें, आरक्षण संबंधी नियमों का पालन करें और रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सम्मान करें।

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