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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली।  दूध का काम करने वाले किसानों के लिए रोज गाय या भैंस का दूध निकालना मेहनत वाला काम होता है। खासकर जब पशुओं की संख्या ज्यादा हो तो इसमें काफी समय और मेहनत लगती है। ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन इस काम को आसान बनाती है। यह मशीन वैक्यूम पंप और पाइप की मदद से दूध निकालती है, जिससे किसान का समय और मेहनत दोनों बचते हैं।

यहां हम आपको यह बता दें कि, मशीन की कीमत उसकी मोटर, बकेट की संख्या, दूध रखने की क्षमता और काम करने की रफ्तार पर निर्भर करती है। छोटे किसानों के लिए 20 से 25 लीटर की सिंगल बकेट मशीन करीब 20 हजार से 30 हजार रुपये में मिल सकती है। कुछ मशीनों की कीमत 30 से 40 हजार रुपये के आसपास भी है। डबल बकेट मशीन करीब 50 हजार रुपये या उससे ज्यादा की हो सकती है। बड़े डेयरी फार्म के लिए चार बकेट वाली मशीनों की कीमत एक लाख रुपये से ऊपर भी जा सकती है। कुछ बाजार लिस्टिंग में 20 लीटर की मशीन करीब 29,500 रुपये और चार बकेट वाली मशीन करीब 1.42 लाख रुपये में दिखाई गई है।

वही यह भी बताते चले कि, इस मशीन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दूध निकालने में लगने वाली मेहनत और समय कम हो जाता है। किसान को हर पशु का दूध हाथ से निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। अच्छी मशीन दूध को सीधे स्टील के बर्तन में जमा करती है, जिससे साफ-सफाई रखना आसान हो जाता है। कुछ मशीनों में 25 लीटर की स्टील बकेट और 0.75 एचपी मोटर जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

जानकारी दे दें कि, मशीन खरीदने के बाद बिजली, सफाई, रबर लाइनर और समय-समय पर सर्विस का खर्च भी आता है। इसलिए किसान को अपने पशुओं की संख्या और रोज निकाले जाने वाले दूध की मात्रा के हिसाब से मशीन चुननी चाहिए। कम पशु होने पर छोटी मशीन सही रह सकती है, जबकि ज्यादा पशुओं वाले डेयरी फार्म में बड़ी मशीन समय और मजदूरी बचाने में मदद कर सकती है। मशीन खरीदते समय मोटर की ताकत, बकेट की क्षमता, सफाई और सर्विस की सुविधा भी देखना जरूरी है।

ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन कैसे काम करती है?

ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन मुख्य रूप से वैक्यूम सिस्टम पर काम करती है। इसमें मोटर और वैक्यूम पंप की मदद से एक नियंत्रित सक्शन तैयार किया जाता है। मशीन के साथ लगे पाइप और मिल्किंग क्लॉ या कप को पशु के थनों से जोड़ा जाता है। इसके बाद दूध पाइप के जरिए सीधे बकेट में पहुंचता है।

इस प्रक्रिया में किसान को मशीन की निगरानी करनी होती है, लेकिन दूध निकालने के लिए लगातार हाथ से काम करने की जरूरत नहीं पड़ती। मशीन की डिजाइन और क्षमता के अनुसार एक समय में एक या उससे अधिक पशुओं का दूध निकाला जा सकता है। यही वजह है कि बड़े डेयरी फार्म में ऐसी मशीनें समय बचाने में मदद कर सकती हैं।

किसानों को क्या फायदा होगा?

ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन का सबसे बड़ा फायदा समय और मेहनत की बचत है। हाथ से दूध निकालने में प्रत्येक पशु के लिए अलग समय देना पड़ता है। पशुओं की संख्या अधिक होने पर यह काम रोजाना काफी लंबा हो सकता है। मशीन इस प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है।

दूसरा फायदा मजदूरी से जुड़ा हो सकता है। जिन डेयरी फार्म पर दूध निकालने के लिए अलग से श्रमिक रखने पड़ते हैं, वहां मशीन से काम की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि इससे होने वाली वास्तविक बचत पशुओं की संख्या, मजदूरी की दर और मशीन की क्षमता पर निर्भर करेगी।

कुल मिलाकर, ऑटोमैटिक मिल्किंग मशीन डेयरी किसानों के लिए समय, मेहनत और काम को व्यवस्थित करने वाला उपयोगी उपकरण हो सकती है। लेकिन हर किसान के लिए एक ही मशीन सही नहीं होती। पशुओं की संख्या, रोजाना दूध उत्पादन, बजट और स्थानीय सर्विस सुविधा को ध्यान में रखकर मशीन खरीदना ज्यादा समझदारी होगी। मशीन की कीमत के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता, सफाई की सुविधा, वारंटी और लंबे समय की रखरखाव लागत को भी जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

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