न्यूयॉर्क/, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने एक ऐतिहासिक और सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा, “पृथ्वी का पश्चिमी गोलार्द्ध हमारा इलाका है। यह हमारा घर है और हम इसे हमारे प्रतिद्वंद्वियों, प्रतिस्पर्धियों या दुश्मनों के लिए कोई ऑपरेशनल बेस नहीं बनने देंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस बयान को दोहराया। उन्होंने कहा, “यह पश्चिमी गोलार्द्ध है, यह हमारा घर है। हम चीन, रूस या ईरान जैसे देशों को यहां अपना आधार बनाने की इजाजत नहीं देंगे।” रूबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका को वेनेजुएला का तेल नहीं चाहिए, क्योंकि उसके पास पर्याप्त तेल है, लेकिन वह नहीं चाहता कि इस तेल पर उसके प्रतिद्वंद्वी कब्जा करें। वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं, जो चीन, रूस और ईरान के लिए रणनीतिक महत्व रखते हैं।
बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि मादुरो एक “अवैध नारको-टेररिस्ट” हैं, जिन्होंने अमेरिका पर हमले किए, पूरे क्षेत्र को अस्थिर किया और वेनेजुएला की जनता पर दमन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई युद्ध नहीं, बल्कि “कानून प्रवर्तन ऑपरेशन” है, जो दशकों पुराने अभियोगों पर आधारित है।
जानकारी दे दें कि, यह घटना वैश्विक भू-राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम रूस और चीन को उनके क्षेत्रों (यूक्रेन, ताइवान) में अधिक आक्रामक बनने के लिए प्रेरित कर सकता है। पूर्व अमेरिकी अधिकारी फियोना हिल ने कहा कि अगर अमेरिका अपने “बैकयार्ड” में आक्रामक हो सकता है, तो रूस और चीन भी ऐसा कर सकते हैं।वेनेजुएला संकट लंबे समय से चला आ रहा है। मादुरो पर 2020 से अमेरिकी अभियोग थे, जिसमें उन्हें 2024 के चुनाव चुराने का भी आरोप है।
