मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित मालेगांव नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव से ठीक पहले एक ऐसा राजनीतिक नजारा सामने आया है, जो राज्य की सियासत में लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा। जहां राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाते हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर इन दोनों दलों के पार्षदों ने हाथ मिला लिया है। इस अनोखे गठबंधन का नाम ‘भारत विकास आघाड़ी’ (Bharatiya Vikas Aghadi) रखा गया है। इस मोर्चे के गठन से मालेगांव की सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं, जहां ISLAM पार्टी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है।
जानकारी दे दें कि, मालेगांव एक मुस्लिम बहुल शहर है, जहां कुल आबादी का लगभग 78 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मुस्लिम समुदाय का है। महाराष्ट्र में मुस्लिम आबादी औसतन 12 प्रतिशत के आसपास है, लेकिन मालेगांव में यह अनुपात काफी ऊंचा है। इसी वजह से यहां की राजनीति हमेशा से सामुदायिक संतुलन, स्थानीय मुद्दों और पहचान की राजनीति पर केंद्रित रही है। नगर निगम में कुल 84 वार्ड हैं, और मेयर पद के लिए कम से कम 43 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। जनवरी 2026 में हुए नगर निगम चुनावों के नतीजों ने यहां कोई भी दल पूर्ण बहुमत नहीं दिया।
वही इस कड़ी मे हम आपको यह भी बताते चले कि, कांग्रेस के 3 और बीजेपी के 2 पार्षदों ने मिलकर कुल 5 सदस्यों का यह स्वतंत्र गुट बनाया है। इस गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस के पार्षद एजाज बेग को सौंपा गया है, जबकि बीजेपी के मदन गायकवाड़ को डिप्टी लीडर बनाया गया है। गठबंधन का नाम ‘भारत विकास आघाड़ी’ रखा गया है, और इसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया राजस्व आयुक्त के पास पूरी कर ली गई है। एजाज बेग ने कहा कि यह गुट मालेगांव के विकास के लिए काम करेगा, और सभी सदस्य सामूहिक रूप से फैसले लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन किसी एक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों पर फोकस करेगा।
चलते चलते जानकारी देते चले कि, मालेगांव की राजनीति लंबे समय से कांग्रेस और एनसीपी जैसे दलों के दबदबे वाली रही है, लेकिन ISLAM पार्टी के उदय ने पुरानी व्यवस्था को चुनौती दी है। पार्टी ने खुद को सेक्युलर विकल्प बताते हुए विकास और स्थानीय मुद्दों पर फोकस किया, जिससे उसे व्यापक समर्थन मिला। चुनाव में हिंदू बहुल वार्डों में शिवसेना ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि मुस्लिम बहुल इलाकों में ISLAM और AIMIM ने बाजी मारी।
