नई दिल्ली। सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1400 रुपये या 1 प्रतिशत बढ़कर 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।चांदी के भाव में भी बड़ी तेजी आई। MCX पर चांदी 4500 रुपये या 2 प्रतिशत चढ़कर करीब 2.38 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। यह तेजी तब देखी गई जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत पूरी हुई। दोनों देशों ने अंतिम समझौते के लिए 60 दिन के रोडमैप पर सहमति जताई है।
रोडमैप के तहत दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद न होने देने और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही भविष्य में टकराव रोकने का प्रयास किया जाएगा। इस बातचीत के सकारात्मक संकेतों के बीच सोने-चांदी में खरीदारी बढ़ी।वैश्विक स्तर पर भी सोने-चांदी मजबूत हुए। स्पॉट सिल्वर में करीब 2.4 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि सोना 4200 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से भी कीमतों को समर्थन मिला।
MCX पर सोना और चांदी के नए भाव
सोमवार के कारोबार में एमसीएक्स पर सोना लगभग 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी करीब 2.38 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखाई दी। दोनों धातुओं में एक ही दिन में आई यह तेजी निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव केवल घरेलू मांग से तय नहीं होता, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकेत, मुद्रा बाजार, ब्याज दरों की अपेक्षाएं और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाएं भी इनकी कीमतों को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी की कीमतों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव सामान्य बाजार प्रक्रिया का हिस्सा है। निवेश संबंधी निर्णय लेते समय केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर फैसला नहीं करना चाहिए।यदि कोई निवेशक सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति, घरेलू आर्थिक संकेतकों, ब्याज दरों और अपने वित्तीय लक्ष्यों का भी ध्यान रखना चाहिए।लंबी अवधि के निवेश से पहले पोर्टफोलियो का संतुलन और जोखिम उठाने की क्षमता का मूल्यांकन करना भी आवश्यक माना जाता है।
