समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 राज्य की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित होने वाला है। 294 सदस्यीय विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसलिए चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ईसीआई) को इस तारीख से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर नई विधानसभा का गठन सुनिश्चित करना होगा। जनवरी 2026 के मध्य तक आधिकारिक शेड्यूल की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों जैसे विकिपीडिया, इंडिया टुडे, आजतक, नेशनल हेराल्ड और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में होने की सबसे मजबूत संभावना जताई जा रही है। यह समयावधि पिछले 2021 चुनाव के पैटर्न से मेल खाती है, जहां मतदान मार्च के अंत से अप्रैल के अंत तक हुआ था।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, जिनमें से सरकार बनाने के लिए कम से कम 148 सीटों का बहुमत जरूरी है। वर्तमान 17वीं विधानसभा 2021 के चुनावों के बाद गठित हुई थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 215 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लगातार तीसरी बार सत्ता संभाली। 2021 में 292 सीटों (दो सीटों पर बाद में उपचुनाव) पर आठ चरणों में मतदान हुआ था। मतदान 27 मार्च से 29 अप्रैल तक चला, जबकि मतगणना 2 मई को हुई। मतदाता भागीदारी करीब 80 प्रतिशत रही, जो राज्य के चुनावी इतिहास में काफी ऊंची थी। हालांकि, चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा और विवादों की रिपोर्टें आई थीं, जिसके कारण बहु-चरणीय चुनाव की आलोचना भी हुई।

बता दें कि, चुनावी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मतदाता सूची का विशेष संशोधन (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन – एसआईआर) है। यह प्रक्रिया 2025 में शुरू हुई, जिसमें मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया गया। ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित हुई। इसमें करीब 7 करोड़ 66 लाख मतदाताओं को कवर किया गया, लेकिन लगभग 58 लाख नामों को हटाया गया या अनमैप्ड पाया गया। दावे और आपत्तियां 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दर्ज की जा सकती हैं। सुनवाई और सत्यापन 16 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। इसके बाद चुनाव आयोग शेड्यूल की घोषणा कर सकता है, जिसमें अधिसूचना, नामांकन की अंतिम तिथि, नामांकन जांच, नाम वापसी, मतदान तिथियां और मतगणना शामिल होंगी।

जानकारी दे दें कि, चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। जैसे ही शेड्यूल जारी होगा, जिसमें नोटिफिकेशन, नामांकन, मतदान और मतगणना की तारीखें होंगी, सभी राजनीतिक दल और मतदाता सक्रिय हो जाएंगे। लेटेस्ट अपडेट के लिए eci.gov.in, ceowestbengal.nic.in या विश्वसनीय न्यूज पोर्टल्स पर नजर रखें। पश्चिम बंगाल का यह चुनाव न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालेगा, क्योंकि यह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा टेस्ट होगा।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version