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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याणा मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में दूसरी बार वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश किया। विधेयक पर कुल आठ घंटे चर्चा होगी। अगर यह लोकसभा में पारित होता है तो गुरुवार को इसे राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। बिल के समर्थन में सरकार का कहना है कि इससे जवाबदेही तय होगी। वक्फ बोर्ड के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। विपक्षी दल इसे संविधान के खिलाफ बताने में जुटे हैं।


वक्फ संशोधन विधेयक पर राष्ट्रव्यापी बहस के बीच आइए जानते हैं वक्फ बोर्ड क्या है, इसका गठन कब हुआ, इसके पास कितनी संपत्ति है… नए संशोधन विधेयक में क्या अलग है, सरकार और विपक्ष के तर्क क्या हैं… सरकार को किन-किन दलों का साथ मिला, पुराने कानूनों के किन प्राविधानों पर सरकार को आपत्ति है।


वक्फ क्या है?

वक्फ अरबी का शब्द है। इसक मतलब खुदा के नाम पर दी जाने वाली वस्तु या संपत्ति है। इसे परोपकार के उद्देश्य से दान किया जाता है। कोई भी मुस्लिम अपनी चल और अचल संपत्ति को वक्फ कर सकता है। अगर कोई भी संपत्ति एक भी बार वक्फ घोषित हो गई तो दोबारा उसे गैर-वक्फ संपत्ति नहीं बनाया जा सकता है।

देश में पहला वक्फ अधिनियम 1954 में बनाया गया था। इसी के तहत वक्फ बोर्ड का गठन किया गया था। इसका मकसद वक्फ के कामकाज को सरल बनाना है। 1955 में पहला संशोधन किया गया। 1995 में नया वक्फ कानून बनाया गया। इसके तहत राज्यों को वक्फ बोर्ड गठन की शक्ति दी गई। साल 2013 में संशोधन किया गया और धारा 40 जोड़ी गई।

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