नई दिल्ली: नंदीग्राम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11002) के फर्स्ट क्लास एसी कूपे में अनधिकृत डेकोरेशन की घटना पर रेलवे ने कार्रवाई की है। 6 जुलाई को यात्रा कर रहे एक नवविवाहित जोड़े ने अपने कूपे को सजाने के लिए निजी तौर पर ऑनलाइन डेकोरेटर हायर किया था। महाराष्ट्र के जालना स्टेशन पर ट्रेन खड़ी होने के दौरान डेकोरेटर बिना आधिकारिक अनुमति के कोच में घुसा और पूरे कूपे को सुहागरात वाले कमरे की तरह सजा दिया। दीवार पर ‘I Love You’ भी लिखा गया।
रेल मंत्रालय के अनुसार, डेकोरेटर का अनधिकृत प्रवेश गंभीर चूक थी। मामले में संबंधित टिकट चेकर को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे उचित कार्रवाई की जाएगी।जोड़े ने अपने सफर को यादगार बनाने के लिए यह व्यवस्था की थी। सजे हुए केबिन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कुछ लोगों ने इसे रोमांटिक बताया तो कई ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए चिंता जताई।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई को एक नवविवाहित दंपति नांदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे में यात्रा कर रहा था। अपनी यात्रा को खास और यादगार बनाने के उद्देश्य से दंपति ने निजी स्तर पर एक ऑनलाइन डेकोरेशन सेवा बुक की थी। योजना के तहत महाराष्ट्र के जालना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के रुकने के दौरान डेकोरेटर ट्रेन में पहुंचा और बिना किसी आधिकारिक अनुमति के सीधे एसी कोच के अंदर प्रवेश कर गया।
कुछ ही मिनटों में कूपे को फूलों, सजावटी सामग्री और रंग-बिरंगी लाइटों से इस तरह सजाया गया कि वह किसी होटल के हनीमून सुइट जैसा दिखाई देने लगा। इतना ही नहीं, कूपे की दीवार पर “I Love You” भी लिखा गया। यह दृश्य देखने वाले कई यात्रियों ने वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया।
रेलवे ने क्यों माना गंभीर सुरक्षा चूक?
रेल मंत्रालय के अनुसार, किसी भी बाहरी व्यक्ति को बिना वैध अनुमति रेलवे स्टेशन या ट्रेन के प्रतिबंधित हिस्से में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। विशेष रूप से एसी कोच और आरक्षित डिब्बों में केवल अधिकृत रेलवे कर्मचारी, अधिकृत सेवा प्रदाता अथवा वैध टिकटधारी यात्रियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
इस मामले में निजी डेकोरेटर का बिना अधिकृत अनुमति के कोच तक पहुंचना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही माना गया। मंत्रालय का कहना है कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति को बिना जांच और अनुमति के कोच तक पहुंचने दिया जाए तो इससे यात्रियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि इस मामले को केवल सजावट तक सीमित न मानकर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा गया।
वही अंत में बताते चले कि, नांदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे में की गई अनधिकृत सजावट ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि इस घटना का उद्देश्य नवविवाहित जोड़े के लिए यात्रा को यादगार बनाना था, लेकिन बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति का कोच तक पहुंचना रेलवे नियमों का उल्लंघन माना गया। रेलवे द्वारा टिकट चेकर को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करना इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
