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अमेरिका।यह कदम ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच उठाया गया है। रक्षा सचिव पीट हेग्सेथ ने जनरल जॉर्ज से व्यक्तिगत रूप से पद छोड़ने को कहा। पेंटागन के प्रवक्ता शीन पारनेल ने पुष्टि की कि 41वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को पद से हटाकर तुरंत रिटायरमेंट पर भेज दिया गया है। जनरल जॉर्ज को वर्ष 2023 में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था।

इससे पहले चेयरमैन ऑफ जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल सीक्यू ब्राउन को भी उनके पद से हटाया जा चुका है। ट्रंप प्रशासन अब उन सैन्य नेताओं को कमान सौंपना चाहता है जो ईरान के खिलाफ उसकी आक्रामक रणनीति के अनुरूप हों।ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका ईरान को स्टोन एज में भेजने की क्षमता रखता है और अगले दो-तीन हफ्तों में इस अभियान को निर्णायक मोड़ पर ले जाना चाहते हैं। रक्षा सचिव पीट हेग्सेथ ने बमों के जरिए बातचीत में विश्वास जताया है।यह बदलाव ईरान युद्ध की रणनीति में तेज और आक्रामक कार्रवाई पर जोर देता है, जिसमें जमीनी अभियान की संभावना भी शामिल है। ट्रंप प्रशासन व्हाइट हाउस की मर्जी से युद्ध लड़ने का संदेश दे रहा है।

क्षा सचिव की सीधी भूमिका

सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेग्सेथ ने व्यक्तिगत रूप से जनरल जॉर्ज से पद छोड़ने को कहा। यह दर्शाता है कि ट्रंप प्रशासन इस समय सेना के शीर्ष नेतृत्व में ऐसे अधिकारियों को रखना चाहता है, जो उनकी आक्रामक रणनीति के अनुरूप तेजी से फैसले ले सकें और उन्हें लागू कर सकें।

जनरल रैंडी जॉर्ज को वर्ष 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति के समय उन्हें एक अनुभवी और संतुलित सैन्य नेता माना गया था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में ट्रंप प्रशासन को उनकी कार्यशैली अपनी रणनीति के अनुकूल नहीं लगी।

व्हाइट हाउस का स्पष्ट संदेश

इस पूरे घटनाक्रम से व्हाइट हाउस का एक स्पष्ट संदेश सामने आया है—अमेरिका अब ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतने वाला है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि युद्ध की रणनीति पूरी तरह व्हाइट हाउस की नीति के अनुसार चले और उसमें किसी तरह की देरी या मतभेद न हो।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम केवल सैन्य बदलाव नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक और रणनीतिक संकेत भी है। यह दिखाता है कि ट्रंप प्रशासन अपनी विदेश नीति में आक्रामकता को प्राथमिकता दे रहा है और इसके लिए वह किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।

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