नई दिल्ली। देश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से कई राज्यों में जल संकट और गर्मी का माहौल बना हुआ है, जबकि कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश से राहत मिली है। मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक, मानसून पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी तट पर थमा हुआ है। इसे मुंबई पहुंचने में अभी एक हफ्ते से ज्यादा यानी 7-8 दिन का समय लग सकता है।
यहां यह जानकारी दे दें कि, मानसून की इस सुस्ती का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत कम दबाव के क्षेत्र यानी डिप्रेशन का न बनना है। इस धीमी गति की वजह से देश के कुल 723 जिलों में से अब तक केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, केरल में दस्तक देने के बाद मानसून अब तक 19 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है।देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और कोटा समेत 23 जिलों में आज आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पिछले चौबीस घंटों में राज्य के कई हिस्सों में दो इंच तक पानी बरसा है। मध्य प्रदेश के रायसेन, छिंदवाड़ा और ग्वालियर समेत 8 जिलों में आज तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
अंत में यह बता दें कि, बिहार के भागलपुर और पूर्णिया सहित 26 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को हुई बारिश और तेज हवाओं से तापमान में भारी गिरावट आई। देश के 10 राज्यों में भीषण गर्मी जारी है, जहां उत्तर प्रदेश का वाराणसी 43 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। 18-19 जून को पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश की उम्मीद है।
