Skip to main content

समाचार मिर्ची

नई दिल्ली। देश में फरवरी के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ली है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मजबूत मौसमी सिस्टम के कारण भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह सिस्टम दक्षिण भारत से शुरू होकर धीरे-धीरे मध्य और पूर्वी भारत तक फैल सकता है। IMD के अनुसार, 21 फरवरी 2026 से अगले चार दिनों तक मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जिसमें दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में भारी बारिश प्रमुख है। उत्तर भारत में तापमान बढ़ने लगा है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में न जाने की सलाह दी गई है।

IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर ऊपरी हवा का चक्रवाती घुमाव बना हुआ है, जो 5.8 किमी तक फैला है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों में कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर) बन सकता है, जो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। इससे दक्षिण भारत में झमाझम बारिश शुरू हो गई है। 21 और 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु, दक्षिण केरल एवं माहे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी तक) होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 से 24 फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का येलो अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 फरवरी तक छिटपुट बारिश और गरज-चमक संभव है।

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज अलग है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब-हरियाणा और राजस्थान में तापमान बढ़ रहा है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 25-30 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है, जो सामान्य से ऊपर है। उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्यतः साफ रहेगा, लेकिन सुबह घना कोहरा कई जिलों जैसे कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, अयोध्या, प्रयागराज, प्रतापगढ़ और आजमगढ़ में दृश्यता कम कर सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हो जाएगा और गर्मी बढ़ेगी। बिहार और झारखंड में दिन में धूप निकलेगी, तापमान बढ़ेगा, लेकिन सुबह-शाम ठंड बनी रहेगी। पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया जैसे जिलों में उतार-चढ़ाव रहेगा। ग्रामीण इलाकों में धुंध से सावधानी बरतें।

यहां यह बताते चले कि, यह बदलाव फरवरी में असामान्य है, क्योंकि आमतौर पर इस समय उत्तर में गर्मी शुरू होती है और दक्षिण सूखा रहता है। लेकिन बंगाल की खाड़ी का सिस्टम दुर्लभ है, जो श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम ज्यादा मजबूत नहीं बनेगा, लेकिन दक्षिण में प्रभावी रहेगा। उत्तर में गर्मी का एहसास बढ़ेगा, जबकि दक्षिण में बारिश से राहत मिलेगी।लोगों को सलाह है कि बारिश वाले इलाकों में छाते, रेनकोट रखें, तेज हवाओं से सावधान रहें। कोहरे वाले क्षेत्रों में ड्राइविंग सावधानी से करें। किसानों को फसलों की सुरक्षा का ध्यान रखें। IMD की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर अपडेट चेक करें।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version