नई दिल्ली। पेपर लीक के चलते नीट परीक्षा रद्द होने के बाद कुछ छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में ‘अमृत काल’ भर्ती-परीक्षा के छात्रों के लिए ‘मृत काल’ साबित हो रहा है।
इस कड़ी में बता दें कि, विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को केवल जांच के भरोसे नहीं रहना चाहिए बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने चाहिए। वहीं सरकार की ओर से पहले भी यह कहा जा चुका है कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वही, देश में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सीमित अवसरों के बीच प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के भविष्य का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। NEET विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश की परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज होने की संभावना है।
