वाशिंगटन। वेनेजुएला की राजधानी काराकस शनिवार की सुबह जोरदार धमाकों से दहल उठी। स्थानीय समयानुसार लगभग 2 बजे से शुरू हुए कम से कम सात बड़े धमाकों और कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों की आवाजों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज में नारंगी चमक, आग की लपटें और काले धुएं के गुबार दिखाई दिए, जबकि शहर के दक्षिणी हिस्से में बिजली गुल हो गई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना ने लैटिन अमेरिका में गहरी चिंता पैदा की है। कई देशों ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा मदुरो शासन को उखाड़ फेंकने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। यदि मदुरो की गिरफ्तारी की पुष्टि होती है, तो वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ जाएगी, लेकिन इससे गृहयुद्ध या क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा भी पैदा हो सकता है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ‘वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला’ किया है और राष्ट्रपति निकोलस मदुरो तथा उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाया गया है। ट्रंप ने लिखा, “अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता निकोलस मदुरो के खिलाफ सफलतापूर्वक बड़ा हमला किया है।
बता दें कि, वर्तमान में काराकस में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। वेनेजुएला की सेना को सतर्क किया गया है और सरकार ने नागरिकों से ‘साम्राज्यवादी आक्रमण’ के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। अमेरिकी पक्ष से अब तक पेंटागन या व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है, लेकिन ट्रंप के बयान ने पूरी दुनिया को हिला दिया है। आने वाले घंटों में इस संकट पर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
