कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में 550 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के दो नए मामले में एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर दक्षिण 24 परगना के कालीतला थाने में 300 करोड़ रुपये की मिट्टी चोरी के आरोप में दर्ज कराई गई है। दूसरी एफआईआर जिले के विष्णुपुर थाने में चक्रवात अम्फान की राहत सामग्री में 250 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप में दर्ज हुई है। भाजपा नेता अभिजीत दास ने इन शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई।
एफआईआर में अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित राय तथा तत्कालीन ब्लॉक स्तर के कई प्रशासनिक अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इन मामलों में कई गैर जमानती धाराएं लगाई गई हैं।विभिन्न मामलों में अभिषेक बनर्जी से लगातार पूछताछ जारी है। चार दिनों में कुल 31 घंटे की पूछताछ हुई है। मंगलवार को विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण के मामले में सीआईडी ने साढ़े छह घंटे पूछताछ की। सोमवार को शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी ने 11 घंटे और रविवार को जाली हस्ताक्षर मामले में सीआईडी ने साढ़े आठ घंटे पूछताछ की थी। इससे पहले बुधवार को भी साढ़े पांच घंटे पूछताछ हुई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नए मामलों का प्रभाव केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पश्चिम बंगाल की राजनीतिक गतिविधियों और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है। डायमंड हार्बर क्षेत्र को अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। ऐसे में उनके संसदीय क्षेत्र में ही दर्ज हुए ये मामले राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर पूरे राज्य की नजर रहेगी। साथ ही, अभिषेक बनर्जी से जुड़े अन्य मामलों में चल रही पूछताछ और जांच के परिणाम भी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। फिलहाल, 550 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े इन नए मामलों ने राज्य की राजनीतिक और कानूनी गतिविधियों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
