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दिल्ली। बरसात का जो मौसम होता है वो खेती किसानी के लिए बेहद अहम होता है क्योंकि यही वो मौसम होता है जब किसान बिना रिलाई के पानी की चिंता किए इंद्र देव पर निर्भर रहते हैं। उम्मीद भी रहती है कि इतना पक जाए की साल भर पूरा परिवार आराम से खा सके। इस मौसम में अक्सर किसान सोचते हैं कि किस फसल में निवेश करें जिससे लागत भी कम आए और मुनाफा भी ज्यादा हो। ऐसे में हरी सब्जियों में सबसे लोकप्रिय सब्जी भिंडी (ओकरा) एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभर कर सामने आ रही है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो भिंडी की खेती न केवल जल्दी तैयार होती है, बल्कि इसकी बाजार में मांग भी हमेशा बनी रहती है। खास बात ये है कि इसके लिए हर राज्य की आबोहवा बेहद अनुकूल है। यही वजह है कि किसान परंपरागत गेहूं-धान की खेती छोड़कर सब्जियों की ओर रुख कर रहे हैं।

वैसे बरसात क़े मौसम भिंडी की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। कृषि के जानकारों की माने तो यह फसल बेहत कम समय में तैयार हो जाती है। भिंडी की खेती में लागत कम आती है और बाजार में भिंडी की मांग हमेशा बनी रहती है। लोगों में इस सब्जी की बढ़ती लोकप्रियता के कारण किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। भिंडी हरी सब्जियों में से एक ऐसी फसल है जो बरसात के मौसम में बेहतर पैदावार देती है। इस फसल की खेती से किसान लाखों रुपए की आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।

बता दें कि, भिंडी एक ऐसी सब्जी है जिसकी बाजार में हर समय मांग रहती है। बरसात के दिनों में जब दूसरी हरी सब्जियों की पैदावार घट जाती है, तब भिंडी किसानों को अच्छा दाम दिला देती है। इस समय बाजार में भिंडी 40–50 रुपये किलो तक बिक जाती है, जबकि सामान्य दिनों में यह 20–30 रुपये किलो रहती है।

किसानों को रखना होगा सावधानी

ऐसा भी नहीं है कि दवा और खाद की आवश्यकता नहीं होगी। हर फसल के लिए किसान को रात दिन निगरानी करनी होती है। भिंडी फसल भी ऐसी ही है इसे भी रोग पकड़ते हैं ऐसे में किसानों को निगरानी के साथ कृषि सलाह भी लेते रहना चाहिए।

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