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पटना बिहार की राजनीति में शनिवार को नई हलचल पैदा हो गई जब जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। आरसीपी सिंह अपने समर्थकों के साथ नीतीश कुमार के 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई।

मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने अपने एक्स हैंडल पर इसकी पुष्टि करते हुए लिखा कि नीतीश कुमार से उनकी आत्मीय बातचीत हुई। उन्होंने मुलाकात की तस्वीर भी साझा की।हालांकि, आरसीपी सिंह के कुछ समर्थकों ने दावा किया कि उनकी नीतीश कुमार से मुलाकात नहीं हो सकी। समर्थकों का आरोप है कि विधान परिषद सदस्य संजय गांधी और ललन सर्राफ ने दोनों नेताओं की मुलाकात नहीं होने दी। इसके बाद समर्थकों ने नारेबाजी भी की। इस दावे पर आरसीपी सिंह की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

आरसीपी सिंह पूर्व में नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी रहे हैं। केंद्र में मंत्री बनने के बाद उनके रिश्तों में दूरी आई और वे जदयू छोड़कर अलग हो गए। उन्होंने अलग राजनीतिक दल भी बनाया, लेकिन बिहार में अपेक्षित प्रभाव नहीं बना सके। इस मुलाकात ने बिहार की राजनीति में अटकलों को नई गति दे दी है, हालांकि अभी तक जदयू या आरसीपी सिंह की ओर से वापसी को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

मुलाकात की पुष्टि स्वयं आरसीपी सिंह ने की

मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर तस्वीर साझा करते हुए बताया कि उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ आत्मीय बातचीत हुई। उनके इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि उन्होंने अपनी पोस्ट में बातचीत के विषय या भविष्य की किसी राजनीतिक योजना का उल्लेख नहीं किया।

आरसीपी सिंह द्वारा साझा की गई तस्वीर ने यह स्पष्ट कर दिया कि दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जिससे इस संबंध में चल रही कई तरह की चर्चाओं को भी विराम मिला।

कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में थे आरसीपी सिंह

आरसीपी सिंह लंबे समय तक जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए और नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल रहे। संगठन को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।

वे जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे और बाद में केंद्र सरकार में मंत्री बने। हालांकि केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में दूरी आने लगी। धीरे-धीरे मतभेद सार्वजनिक हुए और अंततः उन्होंने जदयू से अलग होने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की मुलाकात ने बिहार की राजनीति में चर्चा का नया विषय जरूर पैदा कर दिया है। दोनों नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट तक हुई बातचीत के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अब तक किसी भी पक्ष ने पार्टी में वापसी, नए राजनीतिक गठबंधन या भविष्य की रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में इस मुलाकात को फिलहाल एक महत्वपूर्ण लेकिन औपचारिक राजनीतिक संवाद के रूप में ही देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने आता है, तभी इस मुलाकात के वास्तविक राजनीतिक मायनों को स्पष्ट रूप से समझा जा सकेगा।

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