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देशभर में शुक्रवार, 16 अगस्त को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन की गलियां इन दिनों भक्ति और उत्सव की रंगत से सराबोर हैं। मंदिरों में घंटों की गूंज, भक्तों की भीड़ और भजनों की मधुर ध्वनि हर किसी को अपने आंचल में समेट ले रही है।

16 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मथुरा में हर साल भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार भगवान श्री कृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें जगह-जगह ब्रज के मंदिरों में यह उत्सव शुरू भी हो गया है और धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं।

इसके साथ ही तीर्थ नगरी वृंदावन के सप्त देवालयों में भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव शुरू हो चुका है। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर राधा रमण लाल मंदिर में सुबह से ही श्री कृष्णा जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। जहां आज सुबह से ठाकुर राधा रमण लाल का पंचामृत से अभिषेक कराया जा रहा है तो वही पंचामृत के साथ-साथ कई जड़ी बूटियां का भी इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही वृंदावन के राधा दामोदर और शाहजी मंदिर में भी श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

बता दें कि, इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यता है कि द्वापर युग में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ था। तभी से यह पर्व भक्तों के लिए सबसे पावन अवसरों में गिना जाता है।

मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी का उत्सव केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के कारण भी अद्वितीय है। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और लीलास्थल का दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते हैं।

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